
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक
श्रीमती हेमलता शर्मा जी
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक · राष्ट्रीय नेतृत्व
संस्थापक की कलम से
मेरे लिए मानवाधिकार एवं महिला सुरक्षा ट्रस्ट की स्थापना केवल एक संगठन की शुरुआत नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने, महिलाओं को सम्मान एवं सुरक्षा दिलाने और प्रत्येक व्यक्ति को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का एक संकल्प है।
समाज में आज भी अनेक लोग अपने मौलिक अधिकारों से अनजान हैं। कहीं महिलाओं के साथ हिंसा और भेदभाव होता है, तो कहीं बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों को न्याय, सम्मान एवं समान अवसरों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं ने मुझे एक ऐसे मंच की नींव रखने के लिए प्रेरित किया, जहाँ पीड़ितों की आवाज़ सुनी जाए और उन्हें उचित मार्गदर्शन एवं सहायता मिल सके।
हमारा उद्देश्य भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, स्वतंत्रता, गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध संरक्षण तथा न्याय पाने के अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है। हम महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, लैंगिक भेदभाव, बाल अधिकारों के उल्लंघन, मानव तस्करी, सामाजिक शोषण और अन्याय जैसी समस्याओं के विरुद्ध जागरूकता एवं संवैधानिक तरीके से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मैंने इस संगठन से पदाधिकारियों और समाजसेवा के प्रति समर्पित लोगों को इसलिए जोड़ा, ताकि यह प्रयास किसी एक व्यक्ति तक सीमित न रहे, बल्कि देश के प्रत्येक क्षेत्र में जरूरतमंदों तक पहुँच सके। हमारी शक्ति हमारा संगठन, हमारी पहचान हमारी ईमानदारी और हमारा उद्देश्य मानवता की सेवा है।
मेरी दिल से यही कामना है कि कोई भी महिला अपने सम्मान के लिए अकेली न लड़े, कोई भी पीड़ित न्याय की उम्मीद न छोड़े और कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे। हम ऐसा समाज बनाना चाहते हैं, जहाँ महिलाओं को सुरक्षा, प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान और हर जरूरतमंद को सही मार्गदर्शन मिले।
मैं सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगियों से आह्वान करती हूँ कि वे निष्ठा, पारदर्शिता और सेवा-भाव के साथ इस मिशन को आगे बढ़ाएँ। हमारा उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाना, लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और न्यायपूर्ण, सुरक्षित एवं संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान देना है।
“मानवता की सेवा, अधिकारों की रक्षा और महिलाओं का सम्मान — यही हमारा संकल्प, यही हमारी पहचान।”