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घरेलू हिंसा: घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत आपके अधिकार

  • अक्टूबर 22, 2026
  • द्वारा: एडमिन
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कई महिलाएँ चुप रहती हैं क्योंकि उन्हें कहा जाता है कि घर की बात घर में रहनी चाहिए। लेकिन घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 महिलाओं को स्पष्ट क़ानूनी सुरक्षा देता है।

घरेलू हिंसा में क्या-क्या शामिल है?

मारपीट (शारीरिक), यौन हिंसा, गाली-गलौज, धमकी व अपमान (मौखिक व भावनात्मक) और आर्थिक हिंसा — जैसे वेतन छीन लेना या ज़रूरी ख़र्च के लिए पैसे न देना। दहेज के लिए प्रताड़ना भी इसमें शामिल है।

महिला अदालत से क्या माँग सकती है?

  • संरक्षण आदेश — हिंसा या संपर्क पर रोक।
  • निवास आदेश — साझा घर से निकाला नहीं जा सकता।
  • आर्थिक राहत — भरण-पोषण, नुक़सान व इलाज का ख़र्च।
  • अभिरक्षा आदेश — बच्चों की अस्थायी कस्टडी।
  • चोट और मानसिक पीड़ा के लिए मुआवज़ा।

कहाँ जाएँ

महिला अपने ज़िले के संरक्षण अधिकारी, पंजीकृत सेवा प्रदाता, पुलिस या सीधे मजिस्ट्रेट न्यायालय में जा सकती है। आपात स्थिति में 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें। ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क क़ानूनी सहायता मिलती है।

ट्रस्ट कैसे मदद करता है

हमारे सदस्य बिना किसी आलोचना के बात सुनते हैं, विकल्प समझाते हैं और संरक्षण अधिकारी, पुलिस या विधिक सहायता कार्यालय तक साथ जाते हैं। गोपनीय रूप से संपर्क करें या सहायता के लिए आवेदन करें।