कोर्ट-फ़ीस और वकील के ख़र्च के डर से कई महिलाएँ न्याय नहीं माँगतीं। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत सरकार पात्र लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता — वकील, दस्तावेज़ तैयार करने में मदद और कोर्ट-फ़ीस — देती है।
कौन पात्र है?
सभी महिलाएँ और बच्चे, अनुसूचित जाति व जनजाति के सदस्य, मानव तस्करी के पीड़ित, दिव्यांगजन, हिरासत में व्यक्ति, आपदा पीड़ित, औद्योगिक श्रमिक तथा राज्य द्वारा तय आय-सीमा से कम आय वाले लोग।
कहाँ आवेदन करें
- ज़िला न्यायालय में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA)।
- तहसील न्यायालय में तहसील विधिक सेवा समिति।
- जानकारी के लिए NALSA हेल्पलाइन 15100।
नाम, पता और समस्या लिखकर एक साधारण आवेदन देना काफ़ी है।
लोक अदालत
पारिवारिक विवाद, पैसों की वसूली, सड़क दुर्घटना दावे जैसे कई मामले लोक अदालत में जल्दी और बिना फ़ीस के सुलझ सकते हैं। इसका निर्णय अंतिम होता है।
विधिक जागरूकता शिविर
मानवाधिकार एवं महिला सुरक्षा ट्रस्ट विधिक जागरूकता शिविर लगाकर ये अधिकार सरल भाषा में समझाता है और महिलाओं को विधिक सहायता कार्यालय तक पहुँचाता है।