मानव अधिकार वे बुनियादी अधिकार हैं जो हर व्यक्ति को केवल इंसान होने के नाते मिलते हैं। भारत में इनमें से कई अधिकार संविधान में मौलिक अधिकार के रूप में सुरक्षित हैं।
मुख्य मौलिक अधिकार
- क़ानून के समक्ष समानता (अनुच्छेद 14) और धर्म, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव पर रोक (अनुच्छेद 15)।
- बोलने, एकत्र होने, आने-जाने और व्यवसाय की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19)।
- जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 21) — जिसमें गरिमा, निजता, स्वास्थ्य और स्वच्छ पर्यावरण भी शामिल माने गए हैं।
- शोषण के विरुद्ध अधिकार — बंधुआ मज़दूरी व मानव तस्करी पर रोक (अनुच्छेद 23), ख़तरनाक बाल श्रम पर रोक (अनुच्छेद 24)।
- संवैधानिक उपचार का अधिकार (अनुच्छेद 32) — मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर सर्वोच्च न्यायालय जा सकते हैं।
शिकायत कहाँ करें
मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) और राज्य मानव अधिकार आयोग उल्लंघन की जाँच करते हैं — जैसे हिरासत में हिंसा या सरकारी कर्मचारी की लापरवाही। शिकायत hrcnet.nic.in पर ऑनलाइन, डाक से या स्वयं जाकर, बिना किसी शुल्क के की जा सकती है।
हमारे मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम
ट्रस्ट स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम चलाता है ताकि हर नागरिक अपने अधिकार और कर्तव्य जाने।