आपात स्थिति में हर पल कीमती होता है। ये हेल्पलाइन नंबर अपने फ़ोन में सेव रखें और घर की बेटियों व बुज़ुर्ग महिलाओं के साथ भी साझा करें।
आपातकाल: 112
112 पुलिस, फ़ायर और एम्बुलेंस के लिए भारत का एक ही आपातकालीन नंबर है। 112 India ऐप के SOS बटन से आपकी लोकेशन भी भेजी जा सकती है।
महिला हेल्पलाइन: 181
181 महिला हेल्पलाइन है, जो घर, कार्यस्थल या सार्वजनिक स्थान पर हिंसा या उत्पीड़न झेल रही महिलाओं को पुलिस, कानूनी सहायता, परामर्श और आश्रय सेवाओं से जोड़ती है।
उत्तर प्रदेश वीमेन पावर लाइन: 1090
उत्तर प्रदेश में 1090 पर छेड़छाड़, पीछा करने और अश्लील कॉल की शिकायत की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
बच्चों के लिए: 1098
कोई बच्चा खो गया हो, उसके साथ दुर्व्यवहार हो, उससे मज़दूरी कराई जा रही हो या बाल विवाह का ख़तरा हो, तो 1098 पर कॉल करें।
साइबर अपराध: 1930
ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़र्ज़ी प्रोफ़ाइल, फ़ोटो से छेड़छाड़ या ब्लैकमेल के लिए 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
राष्ट्रीय महिला आयोग
राष्ट्रीय महिला आयोग की व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 7827170170 घरेलू हिंसा व अन्य उत्पीड़न झेल रही महिलाओं के लिए है।
ट्रस्ट कैसे मदद करता है
मानवाधिकार एवं महिला सुरक्षा ट्रस्ट महिलाओं को सही हेल्पलाइन, पुलिस थाने या विधिक सहायता कार्यालय तक पहुँचने में मार्गदर्शन देता है। सहायता के लिए हमसे संपर्क करें।